मानवभारती के बच्चों की कविताएं

0
438

बेटी

अपनी ममता मार कर, खुद को धोखा न दो।

बिटिया बहुत आगे बढ़ेगी, एक मौका तो दो।

बेटी बिना घर नहीं सजता, बेटी है संस्कारों की खान।

एक खुला आसमान तो देकर दोखो, बेटी बढ़ाएगी परिवार की नाम।

एक मौका तो देकर देखो, इन्हें एक खुला आसमान तो देकर देखो।

रंग, रंग भरकर एक दिन, बेटियां इंद्रधनुष जरूर बनाएंगी।

बेटी को आजादी देकर तो देखो, बेटी नाम रोशन कर जाएगी।

  • आनंद सिंह रावत, 9 A

रंग

काला, नीला, हरा या पीला, जगह-जगह पर है सब फैला।

रंगों से है दुनिया सजती, मधुर धुन है इनसे बजती।

जगत की शोभा को ये बढ़ाते, सभी अपना कर्तव्य बखूबी निभाते।

रंग सभी जब मिल जाएं तो, बात कुछ ऐसी बन जाए कि इंद्रधनुष भी घबराए।

प्रकृति के हैं ये अहम हिस्से, प्रसिद्ध हैं इनके कई किस्से।

रंगों से ही सुंदरता है, इन से ही है खुशहाली।

ये अगर चले जाएं तो हो जाए जीवन में बदहाली।

  • मिमांशा किमोठी, 9 A

सीखो

कागज के पन्नों की तरह, बातों को छिपाना सीखो।

एक मसखरे की तरह, खुशियां फैलाना सीखो।

जैसे सागर की लहरें आती हैं तट तक, फिर वापस सागर में जाना पड़ता है उन्हें।

असफलताएं अक्सर मिलती हैंं सबको, लहरों की तरह उसे सहन करना सीखो।

यूं तो आएंगे मस्ती के पल हजार बार, पक्षी की तरह समय का उपयोग करना सीखो।

माना कि जिंदगी न मिलेगी फिर दोबारा, किसी के जीवन के अपने प्राण गंवाना सीखो।

जीवों के परम जीव में लगती जा रही है जंग।

ये स्वार्थी मनुष्य.., इस प्रकृति से कुछ तो सीखो।

  • ईशा नौटियाल, 10B

मानवभारती

सबसे सुंदर सबसे प्यारा, मानवभारती का यह स्कूल हमारा।

देहरादून का यह है एक तारा, सबसे सुंदर स्कूल हमारा।

यहां पर मिलती सबको सुविधा, नहीं किसी को यहां दुविधा।

बच्चों को ऐसा सुख मिलता, जैसे कमल का फूल है खिलता।

मेहनत से पढ़ते हैं जो, उनके होते पूरे सपने।

सबसे सुंदर सबसे प्यारा, मानवभारती का यह स्कूल हमारा।

  • अभिषेक कुंजवाल, 8

 दोस्त

मेरा दोस्त है सबसे अच्छा, जो दिल से बच्चा व सच्चा।

मेरा दोस्त है सबका मददगार, जिससे होता मेरे जीवन का संचार।

मेरा दोस्त देता सबको सम्मान, कभी न करता किसी का अपमान।

मेरा दोस्त साये की तरह मेरे साथ, जो कभी न छोड़े मेरा हाथ।

इसलिए तो कहता हूं, मेरा दोस्त है बहुत अच्छा।

झूठ बोलने में है जो जरा कच्चा।

  • कुशाग्र, 10 B

LEAVE A REPLY