मानवभारती स्कूल पटना में वार्षिकोत्सव की धूम

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  • द जंगल बुक ने दिखाया, जानवरों की अनोखी दुनिया
  • इलेक्ट्रानिक कचरे के समाधान की राह दिखाई बच्चों ने
पटना। मानवभारती इंटरनेशनल स्कूल पटना के प्रथम वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने जहां सांस्कृतिक विरासत को साझा किया, वहीं प्रकृति के प्रति आभार जताती प्रस्तुतियों के जरिये वनों और जीवों से स्नेह का संदेश भी दिया। बच्चों ने द जंगल बुक फिल्म दिखाई और इलेक्ट्रानिक कचरे के समाधान पर नाट्य मंचन किया।
मानवभारती स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की थीम थी- समन्वय। कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण और इंसानों के बीच समन्वय की बात की गई। इस मौके पर बच्चों ने सांस्कृतिक के साथ पर्यावरण संरक्षण की पैरवी करते कार्यक्रम पेश किए हैं। कक्षा पांच के छात्रों ने नाट्य मंचन किया, जिसमें बताया गया कि ई वेस्ट यानि इलेक्ट्रानिक उपकरणों का कचरा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। इनका निस्तारण सही तरीके से किया जाए, पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से। पुराने और खराब मोबाइल, टेलीविजन सेट, कंप्यूटर, प्रिंटर, एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट आदि इधर उधर खुले स्थानों पर न फेंकें।
मानवभारती संस्था के अध्यक्ष रजत मिश्रा, निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर, प्रदीप कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित करके वार्षिकोत्सव का शुभारंभ किया। प्रिंसिपल सुजाता भदानी ने निदेशक मंडल का परिचय कराया। इस अवसर पर अध्यक्ष रजत मिश्रा ने मानवभारती संस्था के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि हम रचनात्मक पहल के पक्षधर हैं और इसी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। हर बच्चे में नैसर्गिक टैलेंट होता है, जरूरत है उसको पहचानने की। मानवभारती स्कूल बच्चों के टैलेंट को पहचानकर उनको आगे बढ़ाने के लिए कार्य करता है। हर स्कूल को बच्चों के टैलेंट को निखारने का काम करना चाहिए। निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर ने मानवभारती संस्था के कार्यों की जानकारी देते हुए आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की।

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