टैलेंट हंट के लिए आडिशन लेगा मानवभारती स्कूल

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मानवभारती लाइव। देहरादून

स्टूडेंट्स काउंसिल की सलाह पर मानवभारती स्कूल में टैलेंट हंट के आयोजन का फैसला लिया गया। इच्छुक छात्र-छात्राएं अपने टैलेंट का अॉडिशन दे सकेंगे। सेलेक्ट स्टूडेंट्स के टैलेंट को प्लेटफार्म उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही स्पोट र्स एक्टीविटी को बढ़ाने के लिए इंटरहाउस स्पोट् र्स के लिए विद्यार्थियों का चयन करने तथा विद्यालय में होने वाले विशेष कार्यक्रमों की तैयारी के लिए रोजाना एक जीरो पीरियड पर सहमति व्यक्त की गई।

मानवभारती में स्टूडेंट्स काउंसिल के साथ संवाद की दूसरी कड़ी में निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर ने कहा कि विद्यालय अपनी स्थापना के दिन से ही छात्र-छात्राओं के बीच रचनात्मक और अभिनव माहौल विकसित करने की दिशा में कार्य करता रहा है।

हम चाहते हैं कि हर विद्यार्थी का टैलेंट निखारा जा सके, ताकि वो भविष्य में बेहतर करिअर हासिल कर सके। सेंटर फॉर परफॉरमिंग आर्ट की स्थापना की जा चुकी है। इन सबके साथ छात्रों को अपनी एकेडमिक परफार्मेंस पर भी फोकस करना होगा। पढ़ाई को किसी भी एक्टीविटी से बाधित नहीं होने दिया जाएगा। विद्यालय में अनुशासन को और बेहतर बनाने में सहयोग किया जाए।

मानव भारती स्कूल में छात्र परिषद से पहला संवाद

हेड ब्वाय लक्ष्य कंतूर ने स्कूल में हर बुधवार और शनिवार को एक्टीविटी की क्लासेज चलाने का प्रस्ताव रखा। इस पर तय हुआ कि स्कूल में होने वाले समारोह विशेष की तैयारी के लिए जीरो पीरियड की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन यह केवल तैयारी के दिनों में ही रहेगा।

विद्यालय में टैलेंटेड छात्र-छात्राओं की कमी नहीं है। स्कूल में म्यूजिक, डांस का आडिशन कराया जा सकता है। ड्राइंग, पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता करा सकते हैं। समय-समय पर ये प्रतियोगिता होती रही हैं। इनमें से बेस्ट का चयन किया जा सकेगा। इस पर काउंसिल ने सहमति व्यक्त की।

एनुअल डे की तरह स्पोट् र्स डे के आयोजन का प्रस्ताव छात्र काउंसिल ने पेश किया। तय हुआ कि स्पोट र्स एक्टीविटी को बढ़ाने के लिए इंटरहाउस प्रतियोगिताएं होंगी। विद्यालय की टीमें इंटर स्कूल प्रतियोगिता के लिए जाती रही हैं। इस बार टीचर्स डे की रूपरेखा बनाई गई। काउंसिल का प्रस्ताव है कि चिल्ड्रन डे भी इसी तरह मनाया जाना चाहिए, जिस पर प्रबंधन ने कहा कि चिल्ड्रन डे हमेशा से ही बेहतर तरीके से मनाया जाता रहा है। हर छात्र को 15 दिन में लाइब्रेरी से एक पुस्तक दिलाने की व्यवस्था का भी प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

 

 

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