भारत में रुपये का सफर

0
742
  • भारत में ‘रुपया’ शब्द संस्कृत के शब्द ‘रुपयक’ से आया। इसका अर्थ
    ‘चांदी’ है और रुपया का संस्कृत में अर्थ ‘चिन्हित मुहर’ है। 15 वीं सदी
    में शेरशाह सूरी ने रुपये की शुरुआत की थी। उस समय तांबे के 40 टुकड़े एक
    रुपये के बराबर थे। मूल रूप से रुपया चांदी से बनाया जाता था, जिसका वजन
    11.34 ग्राम था।
  • ब्रिटिश शासन में भी चांदी का रुपया चलता रहा। सन् 1815 तक मद्रास
    प्रेसिडेंसी ने फनम आधारित मुद्रा जारी कर दी थी। तब 12 फनम एक रुपये के
    बराबर था। 1835 तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की तीन प्रेसिडेंसियों
    बंगाल, बाॅम्बे और मद्रास ने अपने अपने सिक्के जारी कर दिए थे।
  • सन् 1862 में नए सिक्के जारी किए गए, जिन्हें शाही मुद्रा कहा गया। इन पर
    महारानी विक्टोरिया की एक छवि और भारत का नाम था। आजादी के बाद भारत में
    पहला सिक्का सन् 1950 में जारी किया गया।
  • सन् 1861 में 10 रुपये के नोट के रूप में कागजी मुद्रा बैंक आॅफ
    हिन्दुस्तान, जनरल बैंक आॅफ बंगाल,बिहार और बंगाल बैंक ने जारी किए।
    सन् 1864 में 20 रुपये का नोट आया। 1872 में 5 रुपये का नोट आया। 1900
    में 100 रुपये का नोट आया।
  • 1905 में 50 रुपये का नोट आया। 1907 में 500 रुपये का नोट आया और 1909
    में 1000 रुपये का नोट जारी हुआ।
  • 1917 मेंं पहली बार एक रुपये का नोट छपा।
  • 1947 में रुपये काे 100 नए पैसे में बांटा गया। 1964 में नया शब्द हटा
    दिया गया। आजादी के समय रुपये को आनों में बांट दिया गया। 16 आने से एक
    रुपया बना। आने को फिर 4 पैसों और 12 पाई में बांटा गया। आजकल रुपया
    पैसों में बांटा जाता है जिसमें 1 रुपये में 100 पैसे होते हैं।
  • आजादी के बाद सिक्के ताम्र-निकल के बनते थे। उसके बाद 1964 में
    एल्यूमिनियम के सिक्के आए। सन् 1988 में स्टेनलेस स्टील के सिक्के जारी
    किए गए।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने सन् 1938 मे पहली बार 2, 5, 10, 50, 100,
    1000,10000 के नोट जारी किए।
    नोटो पर सीरियल नंबर इसलिए डाला जाता हैं ताकि आरबीआई(भारतीय रिजर्व
    बैंक) को पता चलता रहे कि इस समय मार्केट में कितनी करंसी हैं।
    1रुपये का नोट भारत सरकार और 2 से 2,000 तक के नोट भारतीय रिजर्व बैंक
    जारी करती है।
  • इंडोनेशिया, मॉरीशस, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की करंसी भी रुपया हैै।

किस नोट पर कहां का फोटो
20 रुपये के नोट पर अंडमान आइलैंड की तस्वीर है। 10 रुपये के नोट पर
हाथी, गैंडा और शेर छपा हुआ है, जबकि 100 रुपये के नोट पर पहाड़ और बादल
की तस्वीर है। इसके अलावा 500 रुपये के नोट पर आजादी के आंदोलन से जुड़ी
11 मूर्ति की तस्वीर छपी। अब 2000 के नये नोट पर मंगलयान और 500 के नये
नोट पर लाल किला की फोटो छपी है।

नोट पर पहली बार गांधी जी
1969 में भारतीय नोट पर पहली बार महात्मा गांधी जी की तस्वीर छापी गई थी।
उस समय आरबीआई ने उनकी जन्मशती मनाने के लिए एक सीरीज़ डिज़ाइन की थी। 1996
तक सिर्फ कुछ नोटों पर गांधी जी की तस्वीर होती थी, लेकिन 1996 से आरबीआई
ने महात्मा गांधी सीरीज में नोट जारी करते हुए सभी नोटों पर महात्मा
गांधी की तस्वीर छापनी शुरू कर दी।

जानिये भारतीय मुद्रा के प्रतीक चिह्न के बारे में
भारतीय मुद्रा के लिए एक आधिकारिक प्रतीक-चिह्न 15 जुलाई, 2010 को चुन
लिया गया। इसको आईआईटी, गुवाहाटी के प्रोफेसर डी. उदय कुमार ने डिज़ाइन
किया है। इस प्रतीक को बनाने में लैटिन अक्षर ‘आर’ और देवनागरी के अक्षर
‘र’ का उपयोग हुआ है जिसमें दो लाइनों से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का
प्रतिनिधित्व होता है।
अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन और यूरोपीय संघ के यूरो के बाद
रुपया पाँचवी ऐसी मुद्रा बन गया है, जिसे उसके प्रतीक-चिह्न से पहचाना
जाएगा। भारतीय मुद्रा के लिए आधिकारिक प्रतीक-चिह्न के लिए राष्ट्रीय
स्तर पर प्रतियोगिता हुई थी। सरकार को तीन हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त
हुए थे। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति
ने भारतीय संस्कृति और भारतीय भाषाओं के साथ ही आधुनिक युग के बेहतर
सामंजस्य वाले इस प्रतीक को अंतिम तौर पर चयन करने की सिफारिश की थी।

महात्मा गांधी का यह फोटो है नोट पर
भारतीय नोट पर महात्मा गांधी की जो फोटो छपती हैं वह तब खीँची गई थी जब
गांधीजी, तत्कालीन बर्मा और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में
कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में
मुलाकात करने गए थे। यह फोटो 1996 में नोटों पर छपनी शुरू हुई थी। इससे
पहले महात्मा गांधी की जगह अशोक स्तंभ छापा जाता था।

LEAVE A REPLY