व्यक्तित्व विकास के लिए कर्तव्यों का पालन जरूरी

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मानवभारती स्कूल परिसर में आयोजित गीता स्वाध्याय केंद्रम् में व्यक्तित्व विकास पर चर्चा करते हुए व्याख्याता डॉ. अनंतमणि त्रिवेदी ने कहा कि विवेक, विनम्रता और कर्तव्य पालन व्यक्तित्व विकास के प्रमुख अंग हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का ज्ञान होना चाहिए।
मानवभारती स्कूल के संस्कृत शिक्षक डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी बातों को आत्मसात करना चाहिए। दूसरे के प्रति उनका व्यवहार अच्छा होना चाहिए। विवेक और विनम्रता व्यक्ति के गुणों में निखार लाते हैं। जीवन में सफलता के लिए कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा के साथ किया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का कर्तव्य है, अनुशासन में रहते हुए शिक्षा ग्रहण करना। अपने से बड़ों का सम्मान करना, पर्यावरण का ध्यान रखना, जल बचाना, बिजली बचाना, पौधों की सुरक्षा करना, स्वच्छता बनाए रखना आदि भी छात्र-छात्राओं के कर्तव्य हैं। जीवन में अधिकारों के इस्तेमाल की इच्छा जताने वाले व्यक्तियों को अपने कर्तव्यों का भी पालन करना होगा।

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