गीता स्वाध्याय केंद्रम्ः नैतिकता के लिए मानवीय गुणों पर चर्चा

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मानवभारती लाइव


गीता स्वाध्याय केंद्रम् में नैतिक शिक्षा एवं जीवन मूल्यों की स्थापना पर जोर देते हुए आठ मानवीय गुणों की व्याख्या की गई, ताकि मनुष्य का जीवन संस्कारित और सुखमय हो सके।

मानवभारती स्कूल परिसर में 30 जुलाई को श्रीमद्भगवद् गीता पर चर्चा में मानवीय गुणों प्रज्ञा, कुलीनता, जितेंद्रियता, शास्त्रों का अध्ययन, पराक्रम, मितभाषिता, यथाशक्ति दान तथा कृतज्ञता की व्याख्या की गई। स्वाध्याय केंद्र के संयोजक डॉ. अनंतमणि त्रिवेदी ने बताया कि ये गुण मनुष्य का श्रेष्ठ और तेजस्वी बनाते हैं। हम सभी को इन गुणों का पालन करना चाहिए। इस अवसर पर गीता में वर्णित महारथियों के शंखनाद पर विशेष चर्चा करते हुए शंखों के महत्व की जानकारी दी गई। भगवान श्रीकृष्ण के शंखनाद पांचजन्य की विशेषता बताई। उन्होंने कहा कि महर्षि पतंजलि ने भी शंख को एक प्रकार का योग बताया था,क्योंकि शंख बजाने से एक साथ पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है।

 

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