मानव भारती स्कूल के बच्चों ने देखी पौधों औऱ कीट पतंगों की दुनिया

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देहरादून। मानव भारती लाइव


मानवभारती स्कूल ने एजुकेशनल टूर का सिलसिला जारी रखते हुए गुरुवार 18 मई, 2017 को बच्चों को बताय़ा कि पर्यावरण और पौधों का हमारे जीवन में कितना महत्व है। तरह-तरह के कीट पतंगे, पक्षी जैवविविधता का निर्माण करते हैं, जो हमारे लिए बहुत जरूरी है। इस बार कक्षा सात के 55 छात्र-छात्राओं को भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) का भ्रमण कराया गया।

देहरादून से प्रेमनगर रूट पर स्थित एफआरआई दुनिया में पौधों पर अपनी रिसर्च के लिए जाना जाता है। यहां पेड़ पौधों और कीट पतंगों की विविध प्रजातियां (species) देखने को मिलीं। छात्रों को एफआरआई के पांच म्यूजियमों का भ्रमण कराया गया , जहां उन्होंने पेड़, पौधों की अलग-अलग किस्मों को देखा और जानकारी हासिल की। साथ ही वनों में मिलने वाली तरह तरह की उपज के बारे में जाना, जिनको सामान्य तौर पर नॉन वुड फारेस्ट प्रोडक्ट कहा जाता है। जैसे- शहद, बांस, मशरूम, पेड़ों से निकलने वाली गोंद, जड़ी बूटियां और जंगली खाद्य वस्तुएं, फल, दवाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाले पौधे- पत्तियां, चारा आदि। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के अनुसार दुनिया के कई लाख परिवार नॉन फारेस्ट प्रोडक्ट पर निर्भर होकर अपनी आजीविका चलाते हैं। विकासशील (Developing) देशों की 80 फीसदी आबादी स्वास्थ्य और न्यूट्रीशिनल जरूरतों के लिए नॉन वुड फारेस्ट प्रोडक्ट (एनडब्ल्यूएफपी) पर निर्भर करती है। गरीब परिवारों की महिलाएं घरों की रोजाना की कई जरूरतों और आय के लिए नॉन वुड फारेस्ट प्रोडक्ट पर भरोसा करती हैं। जंगलों में उगने वाले कंद मूल, साग सब्जियां, पत्तियां, चारा आदि को खूब इस्तेमाल किया जाता है। 

छात्र-छात्राओं को एफआरआई में कीट पतंगों की विविध प्रजातियां देखने को मिलीं, जिनमें कुछ को हम अपने आसपास वातावरण में देखते रहे हैं। कुछ एेसे कीट पतंगे भी म्यूजियम में देखे, जिनको छात्रों ने पहले कभी नहीं देखा था। इनके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्रों ने वनों के मॉडल के बारे में जाना और आज के दौर में वनों के कटान पर भी चिंता व्यक्त की। बच्चों को बताया गया कि वन हमारे लिए क्याें जरूरी हैं और पौधों के संरक्षण के लिए हमें क्या करना चाहिए। हमारे जीवन में एक-एक पेड़ पौधा अमूल्य है।

एजुकेशनल टूर में पे़ड़, पौधों और कीट पतंगों के बारे में बहुत सारी जानकारियां लेकर लौटे छात्रों का कहना था कि एफआरआई का भ्रमण बहुत शानदार रहा। हमने बहुत रोचक तरीके से अपने पर्यावरण और पर्यावरण के महत्वपूर्ण हिस्सों के बारे में जाना। बच्चों ने पर्यावरण की रक्षा के लिए स्वच्छता बनाए रखने,पॉलीथिन इस्तेमाल नहीं करने, पौधे लगाने, जंल बचाने, प्रदूषण फैलाने वाले कार्यों से दूर रहने का संकल्प लिया।

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