मानवभारती के बच्चों ने मैक्स अस्पताल में सीखा फर्स्टएड

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देहरादून। मानवभारती लाइव

फर्स्ट एड का मतलब तुरंत प्रारंभिक उपचार से है। फर्स्ट एड इमरजेंसी में जीवन बचा सकता है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति, हृदय, सांस या अन्य रोग से पीड़ित व्यक्ति को इमरजेंसी में शुरुआती उपचार दिया जा सकता है।इसलिए फर्स्ट एड का ज्ञान हर व्यक्ति को होना चाहिए। इसकी मदद से रोगी को अस्पताल पहुंचाने तक के समय में कुछ राहत दी जा सकती है। मानवभारती स्कूल के क्लास 9 के छात्र-छात्राओं ने मैक्स अस्पताल में आयोजित सेमिनार में फर्स्टएड के बारे में जानकारी हासिल की और सीनियर डॉक्टर्स से संवाद किया।  

मानवभारती स्कूल के 35 छात्र-छात्राएं मसूरी रोड स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचे। मैक्स फाउंडेशन के वाइस प्रेसीडेंट डॉ.संदीप सिंह तंवर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए फर्स्ट एड के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि फर्स्ट एड के बारे में उनके पास क्या जानकारी है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि दुर्घटना वाली जगह से अस्पताल दूर है तो घायल व्यक्ति को मौके पर ही प्राथमिक उपचार (फर्स्टएड) देना बहुत जरूरी होता है। यह किसी का जीवन बचा सकता है। घर हो या खेल का मैदान, बच्चों को खेलते समय भी चोट लग जाती है। उनको समय पर फर्स्टएड मिल जानी चाहिए। हमारे स्कूल में भी फर्स्टएड बाक्स रहता है और चोट लगने पर बच्चों को तुरंत मरहम पट्टी की जाती है। हमने स्कूल बस और यहां तक कि बाइक, स्कूटी के बाक्स में भी फर्स्टएड किट देखी है। 

मैक्स अस्पताल के डॉ. इंद्रनील दास ने बच्चों को बताया कि फर्स्टएड बाक्स में किन दवाइयों, चीजों और उपकरणों का होना जरूरी है। फर्स्टएड कैसे की जाए। घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने में क्या सावधानियां बरती जाएं। दुर्घटना होने पर पीड़ित को मदद पहुंचाने के लिए किन एजेंसियों से संपर्क किया जाए। उन्होंने बताया कि हृदय और सांस के रोगी को अस्पताल ले जाते समय क्या सावधानियां बरती जाएं और किस तकनीकी का इस्तेमाल किया जाए।  

मानवभारती स्कूल के फिजिकल एजुकेशन के टीचर्स लता थपलियाल और अनिल कंडवाल को फर्स्ट एड की कुछ तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उनको बताया गया कि इमरजेंसी में रोगी के कार्डियक पल्मोनरी सर्कुलेशन, रेसपिरेटरी सिस्टम को बनाए रखने के लिए किन चिकित्सकीय तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, ताकि उसको अस्पताल तक पहुंचाने का समय मिल सके। मानवभारती स्कूल और मैक्स फाउंडेशन के फर्स्ट एड सेमिनार के आयोजन में प्रिंसिपल नीना पंत और मैक्स के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल विजय कुमार पंत का विशेष योगदान रहा।  

बच्चों ने अपने खिलौने और कपड़े डोनेट किएः मानवभारती स्कूल के बच्चों ने खिलौने और कपड़े पंख प्रोजेक्ट को डोनेट किए। मैक्स हेल्थ केयर और गूंज संस्था वंचित बच्चों के साथ खुशियां बांटने के लिए पंख प्रोजेक्ट चला रहे हैं। इसके तहत खिलौने और कपड़े इकट्ठे करके इन बच्चों तक पहुंचाए जाते हैं। इन बच्चों की अन्य जरूरतों को भी पंख प्रोजेक्ट के माध्यम से पूरा किया जाता है। 

 

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