मानव भारती स्कूल में छात्र परिषद से पहला संवाद

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मानवभारती लाइव। देहरादून

मानवभारती स्कूल के निदेशक और छात्र परिषद के बीच सोमवार को पहला संवाद था। इसमें सीनियर टीचर और छात्र परिषद से जुड़े सभी 35 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संवाद का उद्देश्य स्कूल के एकेडमिक, क्रियेटिव तथा इनोवेटिव माहौल को और बेहतर बनाने पर चर्चा करना था। साथ ही छात्र परिषद में उन जिम्मेदारियों का भाव जगाना था, जिसके लिए उसका गठन किया गया था। इस दौरान एजुकेशन के साथ विद्यार्थियों के टैलेंट को आगे बढ़ाने पर भी बात की गई। बैठक में यह तय किया गया कि 23 अगस्त बुधवार के संवाद में छात्र परिषद इनोवेटिव आइडिया और नये सुझाव के साथ शामिल होगी।

विद्यालय के निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर ने शुभकामनाएं देते हुए छात्र परिषद से अपेक्षा की है कि वो विद्यालय में अनुशासन को और बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र परिषद में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने विद्यालय को हर आयाम पर सर्वश्रेष्ठ बनाने की दिशा में प्रयास करें। जीवन मे्ं सफलता हासिल करने के लिए पहली सीढ़ी है खुद को अनुशासन में रखना। किसी दूसरे से अनुशासन की अपेक्षा रखने से पहले आपको स्वयं को अनुशासित होकर दिखाना होगा। एजुकेशन परफार्मेंस, यूनीफॉर्म, शूज, हेयर कटिंग, साफ सफाई, बिहेवियर, बात करने का तरीका आदि बताते हैं कि छात्र अनुशासन के दायरे में है या नहीं। यह बात तय है कि अनुशासन स्कूल परिसर के साथ ही समाज में भी आपके व्यक्तित्व को दर्शाता है और यह जीवन में तरक्की का मूल मंत्र है। क्योंकि यह आपको चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि सीनियर्स को चाहिए कि क्रिएटिविटी, इनोवेशन, एकेडमिक परफार्मेंस, टैलेंट, डिसिप्लिन, कम्युनिकेशन स्किल में अपने जूनियर के आइडियल बनें। क्योंकि वो आपकी एक्टीिविटी को वाच करते हैं। अगर आप ऐसा कर सके तो वो आप को फॉलो करेंगे और सम्मान देंगे।

निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर ने सवाल किया कि आप मिरर क्यों देखते हैं। इस पर छात्रा अंजलि पंवार का जवाब था कि खुद को चेक करने के लिए कि हम अच्छे लग रहे हैं या नहीं। हम परफेक्ट हैं या नहीं। इस पर डॉ. हिमांशु शेखर ने कहा कि मिरर आप सभी को बताता है कि आप कैसे लग रहे हैं। एक नॉन लीविंग थिंग आपसे कम्युनिकेट कर रही है और आप उसके डायरेक्शन्स को फॉलो करते हैं। इसी तरह आपके टीचर और परिवार के लोग आपसे लगातार संवाद करते हैं। यह संवाद भी आपको बेहतर बनाने के लिए ही होता है, क्योंकि वो आपको सफलता के मुकाम तक पहुंचाने की इच्छा रखते हैं। वो आपको पूरे जीवन में परफेक्ट देखना चाहते हैं। आपसे अपेक्षा है कि आप लिविंग थिंग की अपेक्षाओं को भी फॉलो करोगे।

विद्यालय के हेड ब्वाय लक्ष्य कंतूर ने सुझाव दिया कि हर सैटरडे की लास्ट फोर क्लास एक्टीविटी के लिए रखी जाएं। ताकि छात्र-छात्राओं का टैलेंट सामने आ सके। छात्रा रिशिका गुसाईं ने कहा कि एक्टीविटी क्लासेस की इन्फॉरमेशन हर स्टूडेंट तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी उस क्लास में पार्टिशिपेट कर सके। छात्रा अंजलि पंवार ने कहा कि हमारे स्कूल में म्यूजिक, डांस, ड्राइंग, पेंटिंग, स्पोट् र्स के टैलेंट की कमी नहीं है। स्कूल ने भी उनको अपने टैलेंट को  आगे बढ़ाने के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। जरूरत है कि इन एक्टीविटी के लिए और समय बढाया जाए। जो स्टूडेंट जिस फील्ड में जाना चाहे, उसको वहीं और बेहतर करने के लिए सहयोग दिया जाए।

इस पर डायरेक्टर हिमांशु शेखर ने कहा कि मानवभारती स्कूल टैलेंट को बेहतर से बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराता रहा है। हम भी चाहते हैं कि टैलेंट को उसकी राह दिखाएं और इसके लिए बहुत सारे कार्य किए जा रहे हैं, जो जल्द ही मानवभारती स्कूल में दिखाई देंगे। इसके लिए प्रोफेशनल और एक्सपीरिएंसड ट्रेनर अप्वाइंट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में नीति आयोग की अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही है, जिसमें हर इच्छुक छात्र-छात्रा को साइंस एक्टीविटी को प्रैक्टिकली परफॉर्म करने का मौका मिलेगा। लैब में यूनिर्वसिटी अॉफ रोम से इलेक्ट्रानिक और न्यूरोसाइंस में डॉक्टरेट डॉ. गौरवमणि खनल के निर्देशन में छात्र-छात्राएं अपने टैलेंट को निखारेंगे।

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