मानवभारती के साथ मनाइए रंग हिमालय

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थोड़ी देर के लिए ही सही कल्पना कीजिए कि आपके आसपास मौजूद हर वस्तु एक ही रंग की है। यह रंग सफेद, हरा, लाल या कुछ और भी हो सकता है। आपके सामने रखी टेबल सफेद रंग की है, आपकी कुर्सी सफेद रंग की है। पेड़ का रंग सफेद है, तितली सफेद है, पहाड़, मिट्टी, घास, गेट, बाइक, बस, सड़क या जो भी कुछ दिखता है, सफेद रंग का है। सबके कपड़े सफेद रंग के हैं। इंसानों, जानवरों के रंग सफेद हैं। सबकुछ एक रंग का दिखने पर आप कैसा महसूस करेंगे। क्या आप कह पाएंगे कि यह जिंदगी बहुत खुबसूरत है। दुनिया रंग बिरंगी है, कह सकेंगे आप, शायद नहीं। जिंदगी किसी को भी सुहानी नहीं लगेगी।

अभी यहां केवल रंगों की बात हो रही है। बनावट, आकार, आवाज, बोली, व्यवहार भी एक ही है। सबकी शक्ल एक जैसी है। यह  अटपटी बात सोचने भर से बेचैनी होने लगी है। अगर वास्तव में ऐसा हो गया तो क्या करोगे। विविधता नहीं होती तो यह दुनिया निराश करती और ज्यादा दिन तक जीने की इच्छा नहीं होती। जीवन में रंगों का महत्व इसलिए है क्योंकि इनमें विविधता है। रंगों का सामंजस्य नेचर की हर कृति को खास बनाता है। फूल अपनी अलग-अलग खुश्बुओं से ही नहीं बल्कि रंगों से भी लुभाते हैं। तरह तरह वनस्पतियां, वृक्ष, पौधे, जैव विविधता के साक्षी हैं। इंसान आवाज सुनकर एक दूसरे को पहचान लेते हैं। उनको चेहरे याद रहते हैं। यह सब विविधता की वजह से हैं। कोई भी समाज अपनी संस्कृति, खानपान, व्यवहार की वजह से दूसरे से खास या अलग दिखाई देता है। अगर विविधता नहीं होती तो पहचान का भी कोई महत्व नहीं होता।

अब हम हिमालय की बात करते हैं। हिमालय जितना विराट है, उतनी ही विराट है उसकी गोद और आंगन में बसने वाली विविधता। हिमालय खुद में एक अलग दुनिया है, जो बाकि दुनिया को जीवंत रखने के सभी उपायों और संसाधनों का स्रोत है। हिमालय अपने से चलने वाले हवाओं से कहे कि कुछ देर के लिए ही सही, रुक जाओ, तो क्या होगा। हमें इस बात की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि जो होगा वह बताने के लिए कोई नहीं बचेगा। हिमालय तभी तक खास है, जब तक की उसमें बसने वाली विविधता है। यह ही तो उससे निकलने वाली प्राणवायु का स्रोत है। इसलिए हमें हिमालय के रंगों को खास बनाना है, आइए हम सब मिलकर रंग हिमालय को खास बनाएं, अपने लिए, अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए….।

सोमवार 1 अक्तूबर को नन्हीं दुनिया रंगशाला व अविकल स्टूडियो की ओऱ से प्रख्यात रंगकर्मी व निर्देशक आलोक उल्फत के निर्देशन में मानवभारती स्कूल परिसर में विविधता के पर्व रंग हिमालय का आयोजन किया जा रहा है। सुबह दस बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में देश दुनिया के रंगकर्मी और विविधता के पैरोकार रंग हिमालय की अलख जगाएंगे। 

 

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