मानवभारती के बच्चों ने जाना, इंटरनेट पर कैसे सुरक्षित रहें

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  • साइबर पुलिस अफसरों ने स्कूल में लगाई अवयेरनेस वर्कशाप

देहरादून। इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं तो साइबर सिक्योरिटी बहुत जरूरी है। ईमेल, नेट बैंकिंग, सोशल मीडिया, इंटरनेट सर्च के दौरान क्या सावधानियां बरती जाएं, इन सबकी जानकारी देने के लिए साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून ने मानवभारती स्कूल में अवेयरनेस वर्कशाप का आयोजन किया। वर्कशाप में साइबर एक्सपर्ट ने बच्चों के कई सवालों के जवाब दिए।

मानवभारती स्कूल के सभागार में क्लास दस और 11 के छात्र- छात्राओं को साइबर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर भारत सिंह और सब इंस्पेक्टर विनोद चौरसिया ने प्रेजेंटेशन के जरिये साइबर सिक्योरिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि आप नेट पर कुछ सर्च कर रहे हैं तो सिक्योर वेबसाइट पर ही जाएं। सर्चिंग के दौरान कई तरह के लिंक आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर आते हैं। इनमें से कई लिंक आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये आपका डाटा हैक कर सकते हैं। किसी लिंक पर क्लिक करने से ज्यादा अच्छा है कि आप टाइप करके सर्च करें। ईमेल का पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। पासवर्ड स्ट्रांग होना चाहिए। पासवर्ड को किसी के साथ शेयर न करें।

फ्री वाइफाइ का इस्तेमाल करने से परहेज करें। वर्चुअल वर्ल्ड में कुछ भी फ्री नहीं है। फ्री में साफ्टवेयर और नेट डाटा देने की बात करने वाली अधिकतर वेबसाइट पर्सनल डाटा इकट्ठा करती हैं। यूजर्स के डाटा को साइबर क्रिमिनल अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इंटरनेट सर्च के समय सावधानी बरतें। आपके स्मार्ट फोन पर भी कई तरह की ईमेल और मैसेज आते हैं, जिनमें फ्री इंटरनेट डाटा, फ्री सॉफ्टवेयर का लालच दिया जाता है। इन पर क्लिक न करें।

अक्सर ईमेल आते हैं कि आपकी लॉटरी निकल गई है। साथ में एक लिंक दिया जाता है, जिस पर अपनी डिटेल सबमिट करने के लिए कहा जाता है। इन ईमेल पर ध्यान नहीं देना चाहिए। साइबर क्रिमिनल इस तरह की ईमेल भेजते हैं। इनकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए।

कई बार साइबर क्रिमिनल खुद को बैंक का मैनेजर या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर आधार कार्ड या एटीएम कार्ड की डिटेल मांगते हैं। ये लोग एकाउंट से पैसा निकालने के लिए ऐसा करते हैं। इन काल्स की सूचना सीधे पुलिस को दें। एटीएम का इस्तेमाल करते समय पिन छिपाकर फीड करें। यह चेक कर लें कि एटीएम कार्ड स्वैप करने वाला पैनल हिल तो नहीं रहा है। सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम का ही इस्तेमाल करें।

साइबर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी वेबसाइट से गाने, फिल्में डाउनलोड करने में सावधानी बरतें। फ्री में गाने और फिल्में उपलब्ध कराने वाली अधिकतर वेबसाइट आपके स्मार्ट फोन, कंप्यूटर तक वायरस पहुंचा देती हैं। ये वायरस आपके पूरा डाटा को हैक कर सकता है। अपने आफिस के कंप्यूटर पर फिल्में, गाने या अन्य कोई पर्सनल सामग्री डाउनलोड न करें।

नेटबैंकिंग और ईमेल एकाउंट को प्रयोग करने के बाद साइन आउट करना न भूलें। यदि आपने इसको सीधे बंद कर दिया, तो इस बात की पूरी आशंका रहती है कि दूसरा व्यक्ति आपकी ईमेल और नेटबैंकिंग का इस्तेमाल कर सकता है। साइबर क्रिमिनल ऐसे मौकों की तलाश मे रहते हैं।

साइबर पुलिस ने सलाह दी कि 16 साल से कम आयु के बच्चे सोशल मीडिया से दूर रहें तो ज्यादा बेहतर है। बच्चों को अपनी पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। इंस्पेक्टर भारत सिंह ने वर्कशाप में बताया कि सोशल मीडिया पर सावधानी नहीं बरतने वाले लोग साइबर अपराधियों की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी आयु ज्यादा दिखाकर फेसबुक एकाउंट खोल रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। जो भी बच्चे फेसबुक पर हैं, उनको अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए या फिर सोशल मीडिया से अलग हो जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति का एक से ज्यादा एकाउंट नहीं होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि सोशल नेटवर्किंग पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले सोचना चाहिए कि यह सही है या नहीं। अपने या किसी के भी व्यक्तिगत फोटोग्राफ या डिटेल पोस्ट नहीं करने चाहिए। किसी अजनबी के साथ चैटिंग या फ्रेंडशिप नहीं करनी चाहिए। उन्हीं लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजें या एक्सेप्ट करें, जिनको आप अच्छी तरह से जानते हो।

सोशल मीडिया पर किसी को परेशान करने की नीयत से पोस्ट नहीं किए जाने चाहिए। किसी तरह का विद्वेष फैलाने वाली सामग्री को शेयर न करें। साइबर सिक्योरिटी के नियमों का पालन करें। पोस्ट की गई सामग्री अपने और फ्रैंड तक सीमित रखें तो ज्यादा सुरक्षित होगा।

साइबर पुलिस ने सलाह दी कि ऑनलाइन गेम्स से बचना चाहिए। यदि आप अपने आसपास रहने वाले किसी बच्चे, अपने साथ पढ़ने वाले किसी छात्रा के व्यवहार में किसी तरह का बदलाव महसूस करते हैं तो इसकी सूचना तुरंत अपने टीचर को दीजिए। पुलिस को भी इस तरह की सूचना दी जा सकती है।

पुलिस अफसरों ने बच्चों को साइबर लॉ और प्रोसिडिंग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है। वर्कशाप के दौरान मानवभारती स्कूल की प्रिंसिपल नीना पंत, टीचर डॉ. अनंतमणि त्रिवेदी, जैनिफर पैफैट, साइमा एनी भी उपस्थित रहे।

 

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