बेहतर करिअर के लिए जरूरी ये बातें

0
855

12वीं का रिजल्ट आने के बाद आपको कुछ एेसा नया करने का फैसला लेना है जो आपके करिअर को आगे बढ़ाने में मदद करे। यह वो टर्निंग प्वाइंट है, जिस पर बहुत संभलकर कुछ निर्णय करने होते हैं। हालांकि आपने पहले से ही यह तय कर लिया होगा कि आपको किस फील्ड में अपना करिअर बनाना है। इसके केंद्र में आपको अभी तक की स्टडी, अपने अनुभवों, परिणामाें और मार्गदर्शकों की सलाह को रखना होगा। यह सभी वो प्वाइंट हैं, जो आपको किसी भी फील्ड के लिए मन और मस्तिष्क से तैयार रखेंगे।

जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कुछ बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा। सफलता के लिए मेहनत और लगन के साथ सतत अभ्यास जरूरी है। आप थोड़ा पढ़ें, लेकिन लगातार पढ़िए। क्योंकि आप जानते हैं कि किसी भी सब्जेक्ट या फील्ड में आप एक या दो दिन या एक महीने के प्रयास से अनुभवी नहीं हो जाते, बल्कि लगातार अभ्यास और स्टडी ही आपको उस सब्जेक्ट या कार्य क्षेत्र का विशेषज्ञ बनाता है। अगर आपने करिअर के लिए कोई फील्ड तय की है, तो सबसे पहले उसके लिए जरूरी मानकों और जानकारियों को लेकर अपना आकलन कीजिए।

यहां कहने का मतलब है कि कोई भी कार्य तब तक असंभव या कठिन है, जब तक हम उसको करने के लिए नियमित तौर पर अभ्यास नहीं करते। किसी भी कार्य को करने के लिए एक प्रक्रिया को अपनाना होता है, इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सब्र के साथ लगन और जुझारूपन भी होना चाहिए। यह ठीक उसी तरह है, जैसे नौ की टेबल तक पहुंचने के लिए दो से लेकर आठ तक की टेबल का अभ्यास करना जरूरी है। यदि आप क्रमबद्ध तरीके से कोई कार्य नियमित अभ्यास के साथ करोगे तो उससे जुड़े कठिन हिस्सों पर भी सफलता हासिल कर सकोगे। यानि गुणा और भाग से पहले आपको टेबल, जोड़ और घटाव के सवालों की प्रैक्टिस करनी जरूरी होती है।

मिलो से एक मुलाकात

आपके साथ एक प्रेरणास्पद किस्सा साझा करना जरूरी है। यह किस्सा ग्रीस के महान शक्तिशाली रेसलर मिलो का है। मिलो ने लगातार छह ओलंपिक में जीत हासिल करके कई मेडल जीते। मिलो इतने शक्तिशाली कैसे हो गए। इसके पीछे एक सतत अभ्यास है, जो बताता है कि लगातार प्रयास करने से बड़े से बड़े टास्क को आसान किया जा सकता है। बताया जाता है कि मिलो ने अपना अभ्यास नवजात बछड़े को कंधों पर उठाकर किया। वाकई यह उनके लिए आसान था। उनका कहना था कि वो एक बछड़े को आसानी से उठा सकते हैं, आप क्यों नहीं।

इस पर आप कहेंगे, एक छोटे से बछड़े को कंधे पर उठा लेना कौन सी बड़ी बात हो गई। यह तो बड़ा आसान काम है। क्या आप जानते हैं कि मिलो उस बछड़े को जब भी समय मिलता, कंधे पर उठा लिया करते थे। रोजाना दिन में कई बार वह ऐसा करते थे। जबकि उनके प्रतिस्पर्धी एक बड़े बुल को कंधों पर उठाने का प्रयास करते रहे। वे लोग मिलो पर हंसते थे कि वो बछड़े को कंधे पर उठा रहे हैं। लेकिन मिलो ने अपने नियमित अभ्यास को नहीं छोड़ा और समय के साथ बछड़ा बड़ा होता गया और साथ ही उसको उठाने की मिलो की क्षमता भी बढ़ती गई।

आखिरकार एक दिन ऐसा भी आया, जिस दिन मिलो ने उस भारी बुल को कंधे पर उठा लिया, जो कभी बछड़ा था। लगातार अभ्यास ने मिलो की ताकत को बढ़ा दिया। लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी बुल को ही उठाने का प्रयास करते रहे। कभी वे उसे उठाने में सफल भी हो जाते थे, लेकिन वो मिलो की तरह सर्वश्रेष्ठ ताकत हासिल नहीं कर पाए।

 

LEAVE A REPLY