अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपनी भाषा बोली में कविता पाठ

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नित भाषा उन्नत रहे, ,सब भाषन को मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटे न हिय को सूल।।
मानव भारती स्कूल परिसर में कक्षा छह से 12वीं के बच्चों ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अपनी मातृभाषा में कविताएं सुनाईं। बच्चों ने अपनी मातृभाषा में संवाद किया।
मातृभाषा दिवस पर कक्षा छह की छात्रा साम्या बारी, शुभ सिंघल, तनुजा तिवारी, श्रेया लिंगवाल, अग्रिम शर्मा, कक्षा आठ की छात्रा प्राची रावत, कक्षा नौ की छात्रा विरम्या मिश्रा, वाणी विल्सन, अमित कुंजवाल, वैभव कुकरेती , कक्षा दस की छात्रा दुर्गम्या गुप्ता, तनुश्री सेमवाल, अनीस कुमार, आशुतोष भट्ट कविता पाठ एवं संवाद में शामिल हुए।
स्कूल की प्रधानाच्रार्य डॉ. गीता शुक्ला ने इस अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए मातृभाषा को सशक्त बनाने की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि मातृभाषा के प्रयोग को हर क्षेत्र में बढ़ावा मिलना चाहिए। संस्कृत शिक्षक डॉ. अनंतमणि त्रिवेदी ने कहा कि मातृभाषा बच्चों के साथ, सभी के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है।
मातृभाषा से सांस्कृतिक सौहार्द्र को बढ़ावा मिलता है। मातृभाषा से बच्चे यथाशीघ्र सीखने में सक्षम हो पाते हैं।
 
इस अवसर पर हिन्दी अध्यापिका डॉ. बबिता गुप्ता ने बच्चों के साथ मातृभाषा के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम के आयोजन में शिक्षिका पुष्पा बिष्ट व विनीता पांडे ने सहयोग किया।

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